SONBHADRA NEWS : जनसुनवाई में लापरवाही पर जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, 11 अधिकारियों का वेतन अवरुद्ध

जनसुनवाई में लापरवाही पर जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, 11 अधिकारियों का वेतन अवरुद्ध

- विडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से की गयी निगरानी में अनुपस्थित अधिकारियों का दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण, जवाबदेही तय करने के दिए निर्देश

- सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई में अनिवार्य रूप से रहें उपस्थित, लापरवाही क्षम्य नहीं होगी : जिलाधिकारी चर्चित गौड़

सोनभद्र । जनसामान्य की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रातः 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक आयोजित जनसुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 11 जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में मुख्य चिकित्साधिकारी, ज्येष्ठ खान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, सहायक निदेशक रेशम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करने के निर्देश देते हुए दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता अथवा अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन प्रातः 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर आमजन की शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित करें, साथ ही जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों की भी निर्धारित समय में जनसुनवाई एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराएं, ताकि प्रत्येक शिकायत का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई आमजन की अपेक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।