*एनजीटी के नियमों को ताख पर रख रात्रि में हो रहे खनन पर क्षेत्रवासियों ने उठाये सवाल।
*कार्य में लगे दो दो पोकलेन, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी।
अमवार।विंढमगंज थाना क्षेत्र व विंढमगंज वन रेंज सीमा के अंतर्गत अमवार में बन रहे बांध के ऊपरी हिस्से में स्थित कनहर नदी में बीते रात कारदायी संस्था द्वारा रात में पोकलेन लगाकर पूरी रात बालू का खनन किया गया।खनन कर बालू नदी पार स्थित कंपनी के कंक्रीट मिक्सर प्लांट व लगाए गए क्रशर के समीप भंडारण किया गया और कुछ बैरखड़ के रास्ते विंढमगंज के रास्ते अन्यत्र भी परिवहन किया गया। कंपनी के नुमाइंदों की इस हरकत ने सवालों का घेरा खड़ा कर दिया है ।
डूब क्षेत्र के गंभीरा ,जाहिद ,प्रेमकुमार ,संतोष ने बताया कि कंपनी के लोग आये दिन नियम के विरुद्ध रात्रि में रेत की खनन करा रहे है इन्हें शासन प्रशासन का जरा भी खौफ नही है। बताया कि इसकी सूचना और मशीनों द्वारा हो रहे खनन का वीडियो आला अधिकारियों को भेजने पर भी तहसील प्रशासन चुप्पी साधे हुए है ।उन्होंने बताया कि एक दो दिन बीच कर आकाओं के इशारा होते ही ये अपनी पोकलेन नदी में उतार दे देते है और पूरी रात खनन कराते है।ग्रामीणों ने कहा कि इन्हें रात में बालू निकाले की अनुमति किसने दी यह उच्च स्तरीय जांच की विषय है।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र व गांव में चल रहे विकास कार्य के लिए एक ट्रैक्टर बालू भी नही मिल रहा वहीं कारदायी कंपनी द्वारा रात में बेख़ौफ़ पोकलेन चलाया जा रहा है।कहा कि अगर नदी रेत निकालकर बिना परमिशन भंडारण करने का कोई अनुमति खान विभाग ने जारी की हो तो उसकी प्रति हिंदी अनुवाद के साथ फील्ड हॉस्टल पर चिपकाया जाए जाए।जिससे यह पता चल सके कि कंपनी ने कनहर से नदी से बालू निकालने ,भण्डारण करने और अन्यत्र परिवहन करने के अनुमति प्राप्त की है। ग्रामीणों ने रात्रि में इस तरह से अवैध रूप से बालू खनन पर रोक लगाए जाने की मांग किया है नहीं तो आंदोलन की चेतावनी दी है।इस संदर्भ में रेंजर विंढमगंज विजेंद्र श्रीवास्तव ने दावा किया है कि रेत का खनन स्थल वन क्षेत्र में नही है साथ ही यह भी कहा कि अगर रेत का अन्यत्र परिवहन गलत है पकड़े जाने पर वाहन सीज की जाएगी।
इनसेट:
रात्रि में रेत खनन का है परमिशन तो फील्ड हॉस्टल पर उसकी प्रति चिपकाएं कंपनी।
अमवार।विस्थापित नेता गंभीरा प्रसाद ने कहा कि अगर कंपनी के डीड में रात्रि में मशीनों द्वारा बालू खनन का अनुमति अगर कोई जिम्मेदार अफसर द्वारा दिया गया है तो उसकी भी प्रति हिंदी अनुवाद के साथ अमवार फील्ड हॉस्टल पर चिपकवा दिया जाए।जिससे आम जन का यह भ्रम दूर हो सके कि रात्रि में नदी में पोकलेन चलवाना गलत नही है।
मेरे तरफ से कनहर निर्माण कारदायी संस्था को रात्रि में रेत की उठान करने की कोई अनुमति नही दिया गया है,कार्रवाई के संबंध में उन्होंने कुछ बोलने से इनकार किया।”
केके राय
ज्येष्ठ खान अधिकारी
सोनभद्र










