(श्याम अग्रहरि, सोनभद्र)
सोनभद्र । जनपद में किसानों को उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ लेने हेतु किसान रजिस्ट्रेशन एवं आईडी की आवश्यकता पड़ रही है। कई मामलों में किसानों के नाम एवं पते राजस्व अभिलेखों की खसरा-खतौनी में अलग-अलग दर्ज होने अथवा नाम के साथ सिंह, कुमार, देवी, रानी, कुमारी आदि उपनामों में भिन्नता होने के कारण किसानों को नाम संशोधन के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस संबंध में किसानों द्वारा अनावश्यक विलंब की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसान हित सर्वोपरि रखते हुए नाम संशोधन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो तथा राजस्व कर्मियों द्वारा उन्हें बार-बार तहसील के चक्कर न कटवाए जाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नाम संशोधन हेतु आवेदन प्राप्त होने से लेकर संशोधन पूर्ण होने तक की निश्चित समय सीमा तय की जाए तथा उसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लेखपाल, कानूनगो एवं नायब तहसीलदार स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा शिकायत मिलने पर जिम्मेदारी तय करने। के निर्देश दिये है ।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को त्वरित एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता ना बरती जाए







