इस अवसर पर डॉ यादव भावुक हो गये। अपने सम्बोधन में उन्होनें कहा कि यह दुद्धी मेरी कर्मभूमि है। पूरे कार्यकाल के दरम्यान मुझे जो सम्मान व स्नेह मिला है मैं उसका ऋणी रहूंगा। शिक्षा व साहित्य के क्षेत्र में मेरी जरूरत आपको जब भी पड़े,मैं सुलभ रहूंगा। मेरी सभी से यही विनती व अपेक्षा है कि आप शिष्टाचार का विशेष ध्यान दीजिए। मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि मैं यहाँ खाली हाथ आया था और आज बहुत कुछ पाकर जा रहा हूँ।
सम्मान समारोह में मुख्य रूप से प्रेमचन्द यादव एड, आनन्द एड,अरूणोदय जौहरी एड,अंजना देवी सभासद,सोनू खान सभासद,गौरव अग्रहरि, देवेश मोहन एड पत्रकार,रमेश यादव,भीम जायसवाल अन्य कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आलोक अग्रहरि ने किया। पूरे कार्यक्रम के समय सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया गया।







