दुद्धी के कोटेदारो पर शिकायत की बाद भी कोई कार्यवाही नही.....पढ़े पूरी खबर

दुद्धी। यहाँ के कोटेदारो पर ईश्वर की असीम अनुकंपा कहे या शासन व प्रशासन की मेहरबानी कि कोटेदारो पर शिकायत की बाद भी कोई कार्यवाही नही हो रहा है ,क्षेत्रीय लोगो का कहना है दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के कोटेदारो पर शासन प्रशासन मेहरबान है इस समय महामारी के दौर में चल रहे राशन वितरण के दौरान दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के धनौरा,बीडर, मझौली,फुलवार समेत दर्जनों गांवों के अनियमितता कर राशन वितरण करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया लेकिन सभी जगह प्रशासन के मेहरबानी से किसी कोटेदार पर कोई कार्यवाही नही हुई ,लेकिन इसी जनपद में करीब 11 दिन में आधा दर्जन से अधिक एफआईआर किया गया लेकिन दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक जहाँ भी दुकान पर जांच के नाम पर पहुँचते है तो ग्रामीणों और मीडियाकर्मियों को बयान देने से बचते नजर आते है और कुछ न कुछ बहाना लगाकर तुरन्त मौके से निकलने का प्रयास करते है ।करीब 5 दिन पूर्व बीडर गांव में जब कोटेदार की शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक बीडर गांव पहुचे तो प्रधान नारद पटेल ने स्टॉक मिलान करने का अनुरोध किया तो उन्होंने स्टॉक रजिस्टर और आवंटन सूची न होने के कारण गोदाम में स्टॉक मिलान करने से मना करते हुए निकल गया जबकि धनौरा गांव में अनियमितता की शिकायत पर कहा कि कोटेदार को अवैध वसूला गया पैसा वापस देने का निर्देश दिया गया है ।
वही फुलवार गांव में कोटेदार द्वारा ग्रामीणों से पैसा वसूलने और कम राशन देने के मामले को कोटेदार का गलतफहमी करार दिया गया ,उधर हीराचक और पोलवा गांव में भी अनियमितता की शिकायत को प्रशासन ने पटल पर ही दफन कर दिया ।
वैसा लगता है जब शिकायत के बाद कोटेदार के दुकान पर पूर्ति निरीक्षक पहुँचते है तो कोटेदारो को प्रोत्साहन जैसा लगता है इससे लगता है कि दुद्धी के कोटेदारो पर शासन मेहरबान है।

प्राक्सी वितरण होता है मेहरबानी का कारण

दुद्धी । सूत्र बताते है कि जनपद में करीब 10 प्रतिशत राशन का वितरण प्राक्सी अर्थात नान आधार आधारित मशीन से वितरण होता है क्योंकि कोटेदार इस कार्य को वितरण के अंतिम दिन करते है और करीब 10 प्रतिशत तक घर बैठे ही राशन का वितरण मशीन में कर देते है इसी में बटवारे को लेकर कोटेदारो की पर मेहरबानी बनी होती है।