रक्षा बजट पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हम अधिग्रहण और अन्य जरूरतों को प्राथमिकता देंगे। उसके बाद, यदि हमें अधिक बजट की जरूरत महसूस होगी, तो हम आवश्यकताओं को सरकार तक ले जाएंगे। इसमें चिंता का कोई कारण नहीं है।
उन्होंने कहा कि सीडीएस के रूप में, मेरी प्राथमिकता है कि तीन सेवाओं के संतुलित आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए उपकरणों की खरीद की जाए।
रक्षा बजट में पेंशन की हिस्सेदारी में वृद्धि पर जनरल बिपिन रावत ने कहा कि परिचालन जरूरतों को ध्यान रखते हुए तीनों सेवाओं में रिटायरमेंट की आयु को बढ़ाकर पेंशन प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी।
बता दें कि रक्षा बजट में छह फीसदी बढ़ोतरी की गई है। जहां कुछ सैन्य विशेषज्ञ सराहनीय कदम बता रहे हैं वहीं कुछ इसे नाकाफी बता रहे हैं। कई विशोषज्ञों का कहना है जिस तरीके से देश के सामने चुनौतियां हैं उस हिसाब से बजट में और बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। हालांकि कुछ विशेषज्ञ पिछले बजट की तुलना में इस साल की गई बढ़ोत्तरी को अच्छी शुरुआत बता रहे हैं। रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.37 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
अधिक बजट की जरूरत थी :
लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी ने कहा कि मोदी सरकार से जो उम्मीद की जा रही थी, उसके मुताबिक रक्षा बजट नहीं बढ़ाया गया है। चीन, अमेरिका जैसे देश आज अपने रक्षा क्षेत्र पर जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। यहां भी इसकी काफी जरूरत है।
उनका मानना है कि जीडीपी का कम से कम दो प्रतिशत बजट रक्षा क्षेत्र पर खर्च होना ही चाहिए। कम बजट से सेना का आधुनिकीकरण और हथियार खरीद की प्रक्रिया प्रभावित होती है। लेफ्टिनेंट जनरल राम प्रधान कहना है कि रक्षा मंत्री ने देश की मजबूती के लिए पांच पिलर पर ध्यान दिया है। इनमें रक्षा क्षेत्र भी शामिल है।
General Bipin Rawat: As the Chief of Defence Staff, my mandate is to prioritise the procurement of equipment keeping in mind the balanced modernisation of the three services. (file pic) twitter.com/ANI/status/122…
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उन्होंने कहा कि सीडीएस के रूप में, मेरी प्राथमिकता है कि तीन सेवाओं के संतुलित आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए उपकरणों की खरीद की जाए।
Chief of Defence Staff Gen Bipin Rawat on increase in share of pensions in defence budget: I'll give high priority to pension management through increase in age of retirement progressively in the 3 services keeping in mind the operational requirements of different arms & services twitter.com/ANI/status/122…
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रक्षा बजट में पेंशन की हिस्सेदारी में वृद्धि पर जनरल बिपिन रावत ने कहा कि परिचालन जरूरतों को ध्यान रखते हुए तीनों सेवाओं में रिटायरमेंट की आयु को बढ़ाकर पेंशन प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी।
बता दें कि रक्षा बजट में छह फीसदी बढ़ोतरी की गई है। जहां कुछ सैन्य विशेषज्ञ सराहनीय कदम बता रहे हैं वहीं कुछ इसे नाकाफी बता रहे हैं। कई विशोषज्ञों का कहना है जिस तरीके से देश के सामने चुनौतियां हैं उस हिसाब से बजट में और बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। हालांकि कुछ विशेषज्ञ पिछले बजट की तुलना में इस साल की गई बढ़ोत्तरी को अच्छी शुरुआत बता रहे हैं। रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.37 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
अधिक बजट की जरूरत थी :
लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी ने कहा कि मोदी सरकार से जो उम्मीद की जा रही थी, उसके मुताबिक रक्षा बजट नहीं बढ़ाया गया है। चीन, अमेरिका जैसे देश आज अपने रक्षा क्षेत्र पर जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। यहां भी इसकी काफी जरूरत है।
उनका मानना है कि जीडीपी का कम से कम दो प्रतिशत बजट रक्षा क्षेत्र पर खर्च होना ही चाहिए। कम बजट से सेना का आधुनिकीकरण और हथियार खरीद की प्रक्रिया प्रभावित होती है। लेफ्टिनेंट जनरल राम प्रधान कहना है कि रक्षा मंत्री ने देश की मजबूती के लिए पांच पिलर पर ध्यान दिया है। इनमें रक्षा क्षेत्र भी शामिल है।









