हाथियों का उत्पात सोनभद्र में भी, बीजपुर के कई घर क्षतिग्रस्त

बीजपुर । जरहा वन रेंज के छत्तीसगढ़ के समीप बॉर्डर स्थित ग्रामसभा सिरसोती के टोला कोडार में गुरुवार की रात्रि जंगली हाथियों के पहुँचने से गांव में हड़कम्प मच गया । हाथियों के झुंड ने गांव मेम जबरदस्त तांडव मचाया है । कई लोगों के घर क्षतिग्रस्त किए तो कई किसानों के धान की फसलें बर्बाद कर दी । हाथियों के डर से शुक्रवार की सुबह कोडार के प्रधानाध्यापक मेघनाथ ने बताया कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे भी शुक्रवार को स्कूल नहीं आए। हाथियों के तांडव से कोडार के रहवासियों मे दहशत व्याप्त है।
ग्राम सभा सिरसोती के टोला कोडार के ग्रामीण तेजबली पंडो का घर क्षतिग्रस्त कर दिया है ।
हाथियों ने वही रामानुज का धान, पंजे लाल का घर, लालमन का धान, नर्मदे बियार का घर क्षतिग्रस्त कर दी है। पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार के लगभग 11:00 बजे हम लोगों के टोले में हाथियों का झुंड पहुंच कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया था । दो छोटे छोटे हाथी के बच्चों के साथ लगभग दर्जनभर हाथियों का झुण्ड था। ग्रामीणों ने बताया कि पंजे लाल जिस घर में सो रहा था उस घर को धक्का देने से चारपाई बल्ली और खपरैल के नीचे दब गया, किसी तरह से चारपाई से उठकर अपना जान बचाकर चिल्लाते हुए भागा । इसके बाद नर्मदे बियार के घर को भी निशाना बनाते हुए क्षतिग्रस्त की । धीरे-धीरे हाथियों का झुंड एक-एक करके दर्जनों लोगों का धान की फसलें नष्ट की है । ग्रामीणों को डर है कि हाथियों का झुंड फिर आ सकता है। शुक्रवार को वन विभाग के लोगो को ग्रामीणों ने जानकारी दी तो उनके भी हाथ पांव फूलने लगे। हाथियों के झुंड को भगाने के लिए वन क्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार उप वन क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार सिंह मय वन कर्मियों के साथ हाथियों के झुंड को भगाने के प्रयास में लगे है। वही विभाग द्वारा ग्रामीणों को बचाव के उपाय बताया जा रहा है। हाथियों का झुण्ड घरों और फसलों को नुकसान करके छत्तीसगढ़ के समीपी बॉर्डर स्थित घनघोर जंगल में चले गए हैं । ग्रामीणों ने घर व फसल की हुई छति का आकलन कराकर जिला प्रशासन से छतिपूर्ति की मांग किया है।
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले हाथियों ने एक व्यक्ति की जान ले ली थी तथा एक व्यक्ति कुएं में कूद कर अपनी जान बचाई थी । उस दिन भी वन विभाग हाथियों को भगाने का दावा कर रहा था लेकिन आज फिर हाथियों के आने से वन विभाग भी सकते में है ।