एक ऐसी अदालतः जहां वर्षों से टूटे परिवार जुड़ते और एक होकर जाते हैं घर
- बेटी के लिए एक हुए बिछड़े दंपती, बोले-पौधे की तरह संवारेंगे बेटी का भविष्य
- नेशनल लोक अदालत में हुआ समझौता
- परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेंद्र सिंह की सराहनीय पहल से एक दर्जन विवाहित जोड़ों के बीच समझौते कराकर घर भेजा गया।
(श्याम अग्रहरि, सोनभद्र)
सोनभद्र : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के तत्वावधान में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ सुबह दस बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी बी०एन० सिंह, एसपी अशोक कुमार मीणा ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण के पक्षकारों में आपसी कटुता और बुराई समाप्त हो जाती है। साथ ही दोनों पक्षों की जीत होती है। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेंद्र सिंह की सराहनीय पहल से एक दर्जन विवाहित जोड़ों के बीच समझौते कराकर घर भेजा गया। इसमें किसी ने बच्चों के भविष्य के लिए अपने गिले-शिकवे भुलाए तो किसी ने मनमुटाव दूर कर एक साथ रहने का संकल्प लिया। सुलह करने वाले दंपतियों को न्यायाधीश ने पौधे भेंट कर जीवन को पौधे की तरह सहेजने का संदेश दिया। जहां प्रधान न्यायाधीश ने दोनों को समझा कर भविष्य को संवारने की बात कही। इस पर दोनों साथ रहने के लिए सहमत हुए। सुलह होने पर न्यायालय में ही दंपतियों ने एक-दूसरे को फूलमाला पहनाई। वहीं न्यायाधीश ने पौधा भेंट किया। पति-पत्नी बेटी के साथ खुशी-खुशी घर रवाना हुए। वर्षों से एक दूजे से मिलकर खुशी से आंख में आंसू भर गई और परिवार न्यायालय का का आभार व्यक्त किए।







