SONBHADRA NEWS : पोषण अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की मानीटरिंग बेहतर ढंग से न किये जाने पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के वेतन भुगतान पर लगायी रोक

पोषण अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की मानीटरिंग बेहतर ढंग से न किये जाने पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के वेतन भुगतान पर लगायी रोक


- जिला पोषण कन्वर्जेन्स समिति के कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा 


- सैम-मैम बच्चों की पहचान बी०एच०एन०डी० सेशन की बैठक आदि योजनाओं में शिथिलता बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ की जाये नोटिस जारी : जिलाधिकारी


श्याम अग्रहरि


सोनभद्र : जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पोषण अभियान की जनपद स्तरीय पोषण कन्वर्जेन्स सम्बन्धी बैठक हुई । बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जिले के विकास व स्वस्थ्य समाज के लिए बच्चो का स्वस्थ्य होना जरूरी है । कुपोषण मुक्त गांव की संकल्पना के साथ ही अधिकारियों को गांव के हिसाब से कार्य आवंटित किये गये हैं। गांवों को शत-प्रतिशत कुपोषण मुक्त बनाये जाने हेतु प्रभावी कदम उठायें जाये। इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में सैम-मैम बच्चों की पहचान करना व बी०एच०एन०डी० की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा की जा रही लापरवाही व सैम-मैम बच्चों के पहचान हेतु किये गये स्वास्थ्य परीक्षण की समीक्षा की, तो यह तथ्य संज्ञान में आया कि उक्त मामले में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है और सैम-मैम बच्चों के पहचान हेतु परीक्षण की कार्यवाही में शिथिलता बरती जा रही है व पोषण अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की मानीटरिंग बेहतर ढंग से नहीं की जा रही है । जिस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश सम्बन्धित को दिये हैं । इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सैम-मैम बच्चों की पहचान बी०एच०एन०डी० सेशन की बैठक आदि योजनाओं में शिथिलता बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नोटिस जारी करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। यदि उनके कार्य पद्धति में सुधार नहीं होता है, तो उनकी सेवा समाप्ति हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाये । इस दौरान जिलाधिकारी ने एन०आर०सी० सेन्टरों पर सैम-मैम बच्चों के भर्ती होने की समीक्षा की तो प्रगति धीमी पायी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि जो अति गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे हैं, वह अनिवार्य रूप से एनआरसी सेन्टर पर भर्ती कराये जाये और उनके स्वास्थ्य का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाये। उन्हें निर्धारित मात्रा के अनुरूप पुष्टाहार व दवाएं उपलब्ध करायी जाये, इसमें किसी स्तर पर शिथिलता न बरती जाये। उक्त महत्वपूर्ण कार्य में शिथिलता बरतने वाली अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण अभियान के तहत कराये जा रहे कार्योंं की बेहतर ढंग से मानीटरिंग करना सुनिश्चित करें। जिन बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा पोषण अभियान के तहत मानीटरिंग व निरीक्षण के कार्यों में शिथिलता बरती जायेगी, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार, जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चैहान,सीएमओ डाॅ० अश्वनी कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह, डी०सी० मनरेगा रमेश यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।