महुअरिया के लाल का एमबीबीएस में हुआ चयन ,5 वीं प्रयास में मिली सफलता

●महुअरिया के लाल का एमबीबीएस में  हुआ  चयन ,5 वीं प्रयास में मिली सफलता

●720 में  625 अंक प्राप्त कर देश मे लाया 16195 रैंक

●पेशे से किसान पिता के पुत्र का सपना हुआ साकार

दुद्धी/ सोनभद्र|   पेशे से किसान महुअरिया  निवासी सत्यदेव के  तीसरे नम्बर पर सबसे छोटे पुत्र परमानंद का चयन एमबीबीएस में हो गया ,नीट की परीक्षा में 720 अंकों में  625 अंक लाकर पूरे देश मे 16195 रैंक लाया है , परमानन्द का सपना कुशल चिकित्सक बन कर देश का सेवा करना है | उधर मंगलवार को नीट परीक्षा का परिणाम आते ही अपने पुत्र का चयन होने की खबर जान परमानंद के माता पिता खुशी के मारे  उछल पड़े | परमानंद  के पिता सत्यदेवजहां किसान है वहीं उनकी माँ शीला देवी गृहणी है जो खेती किसानी में अपनी पति का हाथ बंटाती हैं|
  परमानंद ने  वार्ता में बताया कि उन्हें शुरू से ही सपना था कि वे चिकित्सक बनेंगे लेकिन घर की माली स्थिति देखकर सपना पूरा होने भरोसा नही हो रहा था लेकिन उन्होंने हिम्मत नही हारी और पांचवे प्रयास में नीट का एग्जाम क्रैक किया | परमानंद ने बताया कि उनकी शुरुवाती शिक्षा दिखा महुअरिया गांव में ही हुई गांव के ही राजा चन्डोल विद्यालय से हाईस्कूल किया उसके बाद जीआईसी दुद्धी से इंटरमीडिएट किया ,बीएससी की पढ़ाई अनपरा के अवधूत भगवान राम कालेज से किया उसके बाद नीट की तैयारी के लिए वे 2017 में कोटा राजस्थान चले गए जहां दो वर्षों तक तैयारी की उसके नीट की परीक्षा देने में जुट गए ,कोटा से लौटकर कानपुर आये और वहां तीन वर्षों तक सेल्फ स्टडी में जुटे रहे पर हार नहीं मानी और आखिरकार पांचवे प्रयास में उनका चयन नीट परीक्षा में हो गया ,उन्होंने बताया कि आगे एमएम एमडी की पढ़ाई कर कुशल चिकित्सक के रूप में देश मे सेवाएं देंगे|
 बता दे कि परमानंद के बड़े भाई पंकज कुमार छत्तीसगढ़ में फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है वहीं मझीले भाई जितेंद्र बैंक की बैंकमित्र शाखा चलाते हैं|