अधिवक्ताओं के खिलाफ अमर्यादित टिपण्णी लोकतंत्र को दबाने का कुत्सित प्रयास ,बंगलौर के अधिवेशन में उठेगा मुद्दा

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दुद्धी/ सोनभद्र|
यूपी के विशेष सचिव के उपरांत उप सचिव द्वारा अधिवक्ताओं को ‘ अराजक ‘ संबोधित कर राजाज्ञा जारी करना लोकतंत्र को दबाने का कुत्सित प्रयास है इसमें सरकार की सहमति भी शामिल है| इस मुद्दे को बैंगलोर में आयोजित आल इंडिया एसोसिएशन फ़ॉर जस्टिस के द्वारा आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन में उठाया जाएगा| उक्त बांते दुद्धी सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा ने प्रेस वार्ता के दौरान कही|उन्होंने कहा की जिस तरह से अधिवक्ता को अराजक कह कर अपमानित किया गया है उसकी मैं पुरजोर निंदा करता हूँ| आगे कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि में यूपी सरकार 5 लाख दे रही है जबकि दिल्ली सरकार 10 लाख व राजस्थान सरकार 15 लाख दे रही है इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक समान लागू किया जाना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा अनुदान दिया जाना चाहिए | आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र उद्योग बाहुल्य भी है यहां प्रदूषण चरम पर है यहां की आबो हवा ,पेयजल सब दूषित हो चुका है |यहां प्रदूषण के सभी रूप मौजूद हैं|उन्होंने कहा कि अधिवेशन में वे पर्यावरण के समस्या पर भी कानून लाने की मांग करेंगे|कहा कि दुद्धी तहसील क्षेत्र के अनपरा ,पिपरी हाथीनाला थाना क्षेत्र के आईपीसी के मुकदमे जिला स्थित कोर्ट पर सुनवाई होती है जिसे दुद्धी कोर्ट में चलाए जाने की मांग के साथ दुद्धी को लंबे समय से जिला बनाने की मांग को भी अधिवेशन में उठाया जाएगा| अधिवेशन में पूरे देश से विद्वान अधिवक्ता बंधु शामिल होंगे जिसमे न्याय की वर्तमान व्यवस्था पर मंथन किया जाएगा|इस मौके पर प्रेमचंद्र यादव ,राकेश अग्रहरी, संतोष कुमार टंडन के साथ अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे|