दुद्धी। जनपद दौरे पर आए प्रशासनिक न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच से दुद्धी बार के अध्यक्ष जितेन्द्र श्रीवास्तव की अगुवाई में चार सदस्यीय प्रतिनिधमंडल ने मुलाकात कर, न्यायालयीय समस्याओं के संदर्भ में मांगपत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने न्यायमूर्ति को दिये गये पत्रक में कहा है कि बाह्य न्यायालय दुद्धी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित है। यहां दो न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन एवं अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट कार्यरत हैं।लेकिन लम्बे समय से अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट न्यायाधिकारी के अभाव में खाली चल रही है। जबकि यहां विभिन्न मामलों से संदर्भित पन्द्रह हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं।सिविल जज जूनियर डिवीजन में पदासीन न्यायाधिकारी का भी दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है।ऐसी स्थिति में दोनों कोर्ट के लिए न्यायाधिकारियों की नियुक्ति न्यायहित में शीघ्र की जाये। दूसरे क्रम में कहा है कि जनपद मुख्यालय से दुद्धी कोर्ट की दूरी 80 किमी है। जबकि बीजपुर व बभनी से जिला मुख्यालय की दूरी 150 किमी है। गरीब आदिवासियों को मुकदमों की पैरवी में समय व धन की बर्बादी होती है।जिसके मद्देनजर बाह्य न्यायालय दुद्धी में अपर सत्र न्यायाधीश, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट की एक एक अदालत प्रस्तावित है। इन न्यायालयों के संचालन हेतु दो भवन हैं। जिन्हें संचालित करने में सिविल व दुद्धी बार को कोई आपत्ति नही है। प्रतिनिधिमंडल ने न्याय व जनहित में प्रस्तावित उपरोक्त न्यायालयों की शीघ्र स्थापना बाह्य न्यायालय दुद्धी में करने की मांग न्यायमूर्ति से की।प्रतिनिधिमंडल में दुद्धी बार के सचिव उमेश चंद, पूर्व अध्यक्ष प्रेमचन्द यादव,पूर्व सचिव आनंद कुमार शामिल रहे।







