दुद्धी । आज कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली के दिन मंगलवार को प्राचीन शिवाजी तालाब करीब 25 हजार मिट्टी के दीयों की रोशनी से प्राचीन शिवाजी तालाब जगमगा हुआ उठा ।लगा कि आसमान के तारे जमी पे उतर आये हो,यह नजारा देखते ही बन रहा था ऐसा लग रहा था जैसे देवलोक इस जमीन पर उतर आया हो ,तालाब के चारों ओर रोशनी की छठा देखते ही बन रही थी,साथ ही वाराणसी से आये पंडितों द्वारा की गई विधि विधान व मंत्रोउच्चार से गंगा आरती से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।बता दे कि दुद्धी शिवाजी तालाब पर करीब 5 वर्षों से भव्य देव दीपावली का आयोजन दुद्धी राजस्व संघ के द्वारा की जा रही है ,इसकी शुरुवात तत्कालीन तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने की थी।उधर संकट मोचन मंदिर दुद्धी भीआकर्षक झालरों से सजाया गया और हजारों दीप जलाएं गए। साथ ही अन्य मंदिरों का हाल बजी ऐसा जी था।ऐसा लग रहा था जैसे एक बार फिर से दीपावली का त्यौहार मनाने का मौका मिला हो।
तहसील प्रशासन ,नगरपंचायत,आम नागरिकों के सहयोग से दिव्य और भव्य देव दीपावली के कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।शाम होते ही मिट्टी के दीयों के रोशनी से पूरा घाट जगमगा उठा साथ ही नगर भी एक बार फिर दीयों की रोशनी से चमक उठा।देव दीपावली के दिन नगरवासियों ने भी घर पर मिट्टी के दीयों को जलाया और पूजन अर्चन किया ।शाम को वाराणसी के पंडितों के द्वारा पुरे विधि विधान मंत्रोचार के साथ गंगा आरती कर पूजन अर्चन किया गया ।इस दौरान शिवाजी तालाब पर स्वर्णकार संघ के द्वारा मनोरम झाकियां निकाली तथा राधाकृष्ण के गायन के साथ मनोरम नृत्य कर लोगों को आकर्षित किया ।देव दीपावली पूजन आरती के दौरान उपजिलाधिकारी सुशील कुमार यादव,सीओ संजय वर्मा,तहसीलदार ब्रजेश वर्मा,नगरपंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि, अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ,कार्यक्रम की अध्यक्षता और नेतृत्व पूर्व लेखपाल संघ अध्यक्ष अरुण कनौजिया ने किया। इनके अलावा नगर के गणमान्य तथा हजारों की संख्या में नागरिक मौजूद रहे ।







