रात्रि में धड़ल्ले से हाइवा से हो रहा अवैध रेत का परिवहन।

भी दुद्धी आश्रम मार्ग तो कभी दुद्धी- हाथीनाला मार्ग पर रात्रि 1 बजे से 5 बजे भोर तक दर्जनों की संख्या परिवहन होते दिखाई दे रहे।झारखंड बॉर्डर पार से और विंढमगंज क्षेत्र से हो रहा खेल।

दुद्धीरात के 12 बजते ही दुद्धी की सड़कें अवैध रेत के परिवहन से गुलजार हो जा रही है।आलम यह है कि रात्रि की 12 बजे से सुबह के 6 बजे तक सैकड़ो हाइबा अवैध बालू पूरी रात गुजारी जा रही है और गंतव्यों तक पहुँचायी जा रही है।सूत्र बताते है कि कई हाइबा बारी बारी से दर्जन की संख्या में गुजरते है और उसके आगे आगे एक एसयूवी वाहन अगवानी करती है।प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो यह खेल पूरी रात चल रहा है।ये रेत लदी हाइबा विंढमगंज की ओर से आ रही है और नगर होते हुए दुद्धी आश्रम मार्ग और दुद्धी – हाथीनाला मार्ग पर गुजरते देखी जा रही है ।लोगो का कहना है कि सब कुछ सोची समझी रणनीति के तहत हो रही है।कुछ हाइबा गैर प्रान्त की परमिट पर अवैध रेत तो कुछ बगैर परमिट में रेत ढुलान में लगे है।जनचर्चाओं में है कि यह खेल स्थानीय जिम्मेदारों के मिलीभगत से खेली जा रही है इसलिए जिम्मेदारों ने मौन स्वीकृति दे दी है।कहा कि जिले के खनन विभाग और आरटीओ विभाग इतने रात में तो गाड़ी की चेकिंग में 70 किमी दूर आएगा नही इसको लेकर खनन माफिया आश्वस्त है।इस समय का सर्दी मा मौसम उनके लिए और भी मुफीद साबित हो रही है रात्रि के 10 बजते ही सड़क पर सन्नाटा पसर जा रहा है और उसके बाद सड़को पर अवैध रेत लदे हाइबा फर्राटे भर रहे है।इस संदर्भ में विंढमगंज रेंजर विजेंद्र श्रीवास्तव ने सेलफोन पर वार्ता के दौरान बताया कि उक्त हाइबा सीमा पार झारखंड प्रदेश से आ रहे है कई गाड़ियों की जांच की गयी थी तो चालकों द्वारा ऑनलाइन परमिट दिखाई गई थी।उधर सूत्रों की माने हाइबा ट्रकों में कुछ ट्रकें स्कैन परमिट पर तो कई बगैर परमिट ही परिवहन हो रही है ,साथ ही क्षेत्रियों नदियों से भी हाइबा में लोडिंग कर आपूर्ति दी जा रही है इसका प्रमाण यह है कि हाइबा से इतना पानी गिरता है जैसे यही की कनहर नदी से लोड हुई हो।ये सारे हाइबा अपने क्षमता से डेढा लोड लेकर दुद्धी की सड़कों बेखौफ फर्राटे फर रहे है और इन्हें कोई रोकने टोकने वाला नही है।
News by PDR News Sonbhadra