SONBHADRA : अध्यापक प्रेरणा एप को डाउनलोड कर स्कूलों की स्थिति करें स्पष्ट : डीएम

सोनभद्र । “मध्यान्ह भोजन योजना के तहत स्कूली बच्चो को मीनू के मुताबिक खाना दिया जाय। जिला स्तरीय टास्क फोर्स के अधिकारी व ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स के अधिकारी स्कूलों में बनाये जा रहे भोजन व्यवस्था की नियमित जॉच करें। इसी प्रकार से खण्ड शिक्षा अधिकारी व एबीआरसी स्कूलों तथा एमपीआरसी सभी स्कूलों के मध्यान्ह भोजन की जॉच कर गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाय। विद्यालयों के अध्यापक व अन्य सम्बन्धितगण प्रेरणा एप मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड कर स्कूलों की स्थिति को स्पष्ट कर समस्या का समाधान करना सुनिश्चित करें।” उक्त निर्देश जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्यान्ह भोजन संचालन की समीक्षा बैठक करते हुए सम्बन्धितों को दिया। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन की समीक्षा बैठक हर महीने में पिछली कार्यवाही के अनुपालन के साथ की जाय। स्कूलों में खाना पकाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल न किया जाय, बल्कि शत-प्रतिशत एलपीसी गैस सिलेण्डर का इस्तेमाल किया जाय। मध्यान्ह भोजन में इस्तेमाल किये जाने वाली सामग्रियों का शत-प्रतिशत ब्राण्डेड होना जरूरी है। फल व दूध के क्वालिटी में किसी प्रकार की कमी न हों। उन्होंने कहा कि मासिक रिपोर्ट, मध्यान्ह भोजन की उच्च स्तरीय समिति के सामने प्रस्तुत किया जाय और टास्क फोर्स से जुड़े अधिकारी शासन द्वारा निर्धारित 29 बिन्दुओं पर अपनी साफ-सुथरी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगें। जिलाधिकारी ने सम्बन्धितों को प्रेरणा एप मोबाइल एप्लीकेशन को हर हाल में डाउनलोड कर संचालन करके विद्यालय की स्थिति को एक-दूसरे को साझा कर स्कूलों के मूलभूत समस्याओं का समाधान के निर्देश सम्बन्धितों को दियें।
मध्यान्ह भोजन की समीक्षा से सम्बन्धित बैठक मेंं जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 गोरखनाथ पटेल, जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी के0के0 तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दिव्यतोष मिश्रा, खण्ड शिक्षा अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहे।


-जिला पर्यावरण समिति में दिये जाने वाले दिशा-निर्देश का अनुपालन किया जाय – डीएम

जिला पर्यावरण समिति में दिये जाने वाले दिशा-निर्देश का अनुपालन किया जाय, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर कूड़ा निस्तारण प्रबन्धन, वायु प्रदूषण नियंत्रण व पानी प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाय। सम्बन्धित अधिकारी जल्द से जल्द अपने-अपने विभागों से सम्बन्धित रिपोर्ट उपलब्ध करायें।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष के मीटिंग हाल में जिला पर्यावरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को दियें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला पर्यावरण समिति की बैठक मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण/एनजीटी के दिषा-निर्देषों के अनुरूप की जा रही है, जिसमें सभी पर्यावरणीय मानकों को पूरा करने यानी प्रदूषण नियंत्रण के लिए समयबद्ध कदम उठाये जाने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए शहरी क्षेत्रों के लिए अधिषासी अधिकारीगण, कम्पनियों/औद्योगिक अधिष्ठानों के लिए क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रोड के लिए लोक निर्माण विभाग, परिवहन के लिए परिवहन विभाग सहित अन्य सम्बन्धित विभाग अपनी कार्ययोजना भी तैयार कर लें। जरूरी संसाधनों को पूरा करने के लिए स्टीमेट तैयार करके मांग-पत्र अपने-अपने विभागध्यक्षों को भेजे। उन्होंने कहा कि शहर के गंदे पानी का प्रदूषण कम करने के लिए वाटर ट्रीटमेन्ट प्लांट, कूड़ा उठान की व्यवस्था की जाय। सीवर लाइन ड्रनेज प्लान भी बनाया जाय। सड़क परिवहन के प्रदूषण पर भी कार्ययोजना बनाया जाय। जिला पर्यावरण समिति के सचिव/प्रभागीय वनाधिकारी सजीव कुमार सिंह समय से बैठक कराते हुए एनजीटी के दिषा-निर्देर्षों का अनुपालन अक्षरश: सुनिश्चित करायें।
बैठक में जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, प्रभागीय वनाधिकारी संजीव कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, डीपीआरओ आर0के0 भारती, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, तहसीलदार सदर विकास पाण्डेय, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनभद्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी जिला पूर्ति अधिकारी डॉ0 राकेश तिवारी, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दिव्यतोष मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहें।